माता-पिता की एक छोटी सी चूक की वजह से पैदा हो जाते हैं किन्‍नर, भूल से भी न करें ऐसा…

इन दवाओं के हैवी डोज का असर मां के गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। इसीलिए गर्भावस्था में गलती से भी हैवी डोज की दवाईयां न लें। प्रेग्नेंट महिला को अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इस समय केमिकली टिट्रेड या पेस्टिसाइड्स वाले फल और सब्जियों का सेवन ना करना ही बेहतर है।

प्रेग्नेंसी में व्यायाम या एक्सरसाइज जरूर करें, लेकिन बस इतना ध्यान रखें कि कही शरीर में चोट न लगे और अगर ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें क्योंकि एक छोटी सी चोट बच्चे के जें डर पर बुरा असर डाल सकता है।इन सबके अलावा अगर मधुमेह, थायराइड या मिर्गी जैसी किसी भी समस्या से ग्रस्त होने पर इस बारे में डॉक्टर से खुलकर बात करें। हालांकि कभी-कभार सावधानियां बरतने के बावजूद घर में कि न्नर बच्चे का जन्म होता है और ऐसा होना जेनेटिक डिसआॅर्डर के अन्तर्गत आता है।

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